शिक्षकों को हर माह की एक तारीख को वेतन भुगतान अनिवार्य : Shikshako Ko Har Mahine Ek Tareekh Ko Vetan Bhugtan Anivarya

शिक्षकों को हर माह की एक तारीख को वेतन भुगतान अनिवार्य : Shikshako Ko Har Mahine Ek Tareekh Ko Vetan Bhugtan Anivarya

पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12 तक के शिक्षकों की समस्याओं का समाधान अब  प्राथमिकता के आधार पर जल्दी किया जाएगा। अवकाश संबंधी शिकायतों का भी अब बिना देर के समाधान करना होगा और शिक्षकों को माह की पहली तारीख को वेतन(Salary) देना अनिवार्य है।

शिक्षकों को हर माह की एक तारीख को वेतन भुगतान अनिवार्य : Shikshako Ko Har Mahine Ek Tareekh Ko Vetan Bhugtan Anivarya
शिक्षकों को हर माह की एक तारीख को वेतन भुगतान अनिवार्य : Shikshako Ko Har Mahine Ek Tareekh Ko Vetan Bhugtan Anivarya

इस विषय में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर ने शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों(DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना)(DPO) को पत्र भेजा। पत्र में अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर ने पिछले साल शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिक्षकों की सेवा से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का भी उल्लेख किया। ई-शिक्षा कोष (Eshikshakosh) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर हल करने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी डीईओ और डीपीओ स्थापना को भेजा पत्र
शिक्षा विभाग के अपरमुख्य सचिव ने सभी डीईओ और डीपीओ स्थापना को भेजा पत्र निराकरण के लिए मानक  संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का भी जिक्र किया है। ई शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर समाधान करने को कहा गया है।
शिक्षकों के स्थानांतरण को छोड़ कर अन्य शिकायतों का निराकरण करने को लेकर एसओपी में जिक्र है। तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक शिक्षकों के वेतन समेत अन्य शिकायतों के निबटारे को एसओपी का जिक्र किया। विभाग द्वारा  पिछले साल दिसंबर में तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र में साफ किया गया था कि शिक्षकों को हर माह की एक तारीख को वेतन(Salary) देना होगा। राज्यकोष से वेतन लेने वाले संस्कृत- मदरसा शिक्षकों तथा रात्रि प्रहरियों को भी हर माह की पहली तारीख को ही वेतन(Salary) का भुगतान होगा। इससे राज्य के लगभग 6 लाख शिक्षकों को समय पर वेतन(Salary) भुगतान सुनिश्चित करना है।

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