कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों का रिजल्ट 30 मार्च को- Bihar Class 1 to 8 Result Date 30 March 2026
पटना। बिहार के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 (Bihar Class 1 to 8) तक के छात्रों के लिए वार्षिक परीक्षा आयोजन को लेकर तारीख घोषित कर दी गई हैं। यह परीक्षा(Exam) राज्य शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (State Council of Educational Research and Training) SCERT की ओर से आयोजित कराई जाएगी। SCERT की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 1 से 8 (Bihar Class 1 to 8) तक की वार्षिक परीक्षाएं 12 मार्च 2026 से शुरू होगी और 19 मार्च 2026 को खत्म होगी। इस परीक्षा का आयोजन राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक साथ किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ (Bihar Class 1 to 8) तक की वार्षिक परीक्षा 12 से 19 मार्च के बीच होगी। राज्य शिक्षा शोध और प्रशिक्षण परिषद (State Council of Educational Research and Training-SCERT) ने परीक्षा से पहले सभी जिलों के डीइओ को दिशा-निर्देश जारी किया है। SCERT के अनुसार,यह परीक्षा 19 मार्च को परीक्षा खत्म हो जायेगी और 19 मार्च से ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन का काम शुरू हो जायेगा। मूल्यांकन कार्य हर हाल में 24 मार्च तक पूरा कर लेना है।
| कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों का रिजल्ट 30 मार्च को- Bihar Class 1 to 8 Result Date 30 March 2026 |
कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों का रिजल्ट 30 मार्च को(Bihar Class 1 to 8 Result Date 30 March 2026) और मूल्यांकन कार्य हर हाल में 24 मार्च तक पूरा कर लेना है।
कक्षा 1 और 2 के छात्रों की मौखिक परीक्षा(Class 1 Aur Class 2 Ke Students Ki Oral Exam Hogi)
कक्षा 3 से कक्षा 8 तक लिखित परीक्षा(Class 3 Se Class 8 Ke Students Ki Exam Answer Sheet Par Hogi)
19 से 24 मार्च तक कॉपियों की जांचपरीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूलों में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच शुरू होगी।19 मार्च से 24 मार्च तक कॉपियों की जांच की जाएगी।25 मार्च तक सभी परिणाम तैयार करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।स्कूल स्तर पर ही शिक्षकों द्वारा कॉपियों का मूल्यांकन किया जाएगा।कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों का रिजल्ट 30 मार्च को होगी व अभिभावक-शिक्षक बैठक भी
एससीईआरटी ने कहा है कि परीक्षा और मूल्यांकन में उन शिक्षकों से किसी तरह का कार्य नहीं लिया जायेगा, जो अर्धवार्षिक परीक्षा में कदाचार में लिप्त रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को मूल्यांकन और परीक्षा कार्य से मुक्त रखा जायेगा। परीक्षा के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक केंद्राधीक्षक के रूप में कार्य करेंगे। परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाएं संबंधित मूल विद्यालय में संरक्षित की जायेंगी।
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